मुकुल मेर: ग्रामीण भारत के एक अग्रणी डिजिटल उद्यमी
- 28 मार्च
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ग्रामीण उद्यमिता स्थानीय नवाचार पर आधारित होती है, जहाँ पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक अवसरों से जोड़ा जाता है। यह लोगों को छोटे और टिकाऊ व्यवसाय शुरू करने में मदद करती है, जिससे गांव और छोटे शहरों में आर्थिक विकास होता है।
नैनीताल ज़िले के शांत रामगढ़ ब्लॉक में मुकुल मेर नाम के एक उद्यमी रहते हैं, जिन्होंने डिजिटल मार्केटिंग में अपनी पहचान बनाई है।
शुरुआती दौर और करियर में बदलाव
मुकुल ने 12वीं तक की पढ़ाई अपने शहर में पूरी की और फिर B.Com किया। इसके बाद उन्होंने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 3 साल काम किया और फ्रंट ऑफिस मैनेजर बन गए। लेकिन लंबे काम के घंटे और कम ग्रोथ के कारण उन्हें नौकरी में अच्छा नहीं लगने लगा। अपनी आर्थिक स्थिति से असंतुष्ट होकर उन्होंने टेक्नोलॉजी में रुचि लेते हुए डिजिटल क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया।
सितंबर 2022 में मुकुल ने अपना काम शुरू किया, लेकिन शुरुआत में पैसों की दिक्कत आई। ज़रूरी सामान लेने के लिए उन्होंने एक दोस्त से उधार लिया—यहीं से उनकी यात्रा शुरू हुई।

YouTube ट्यूटोरियल्स का इस्तेमाल करते हुए, मुकुल ने अपने वीडियो एडिटिंग कौशल को निखारा और एडिटिंग तथा डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया।
मार्गशाला का प्रभाव
मुकुल को अपने बचपन के दोस्त अशोक कुमार (जो खुद भी मार्गशाला फेलो हैं) के माध्यम से ‘मार्गशाला’ के बारे में पता चला। ‘खोजशाला’ नाम की एक वर्कशॉप में अशोक ने उनका परिचय करवाया।
वहाँ मुकुल को मार्गशाला के सपोर्ट और मदद के बारे में जानकारी मिली। मार्गशाला ने उनकी मार्केटिंग में मदद की, स्टार्टअप के लिए सीड फंडिंग दी और फाइनेंशियल मैनेजमेंट में भी मार्गदर्शन दिया।
इस मौके को समझते हुए, मुकुल मार्गशाला के साथ फेलो के रूप में जुड़ गए।

यह फेलोशिप मुकुल के लिए बहुत मददगार रही। इससे उन्हें क्लाइंट्स से जुड़ने, दिल्ली में नौकरी के अवसर पाने और अपनी एडिटिंग स्किल्स सुधारने के लिए AI टूल्स मिले।
मुकुल ने ‘मार्गशाला’ के लिए वीडियो एडिट करके सहयोग भी किया। इस तरह, मार्गशाला ने न सिर्फ उनके कौशल को बेहतर बनाया, बल्कि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और काम के मौके भी दिए।
मार्गशाला से जुड़ने के बाद मुकुल की आय काफ़ी बढ़ी। डिजिटल मार्केटिंग शुरू करने के बाद उनकी कमाई लगभग दोगुनी हो गई।

समुदाय के साथ, समुदाय के लिए
मुकुल के ज़्यादातर क्लाइंट्स लोगों की सिफ़ारिश (वर्ड ऑफ़ माउथ) से आते हैं। लोग उनके काम से खुश होकर दूसरों को बताते हैं और नए क्लाइंट्स उनसे जुड़ते हैं।
इसके अलावा, वे मुंबई की एक एकेडमी के साथ ऑनलाइन काम करते हैं, जहाँ वे वीडियो एडिटिंग और डिजिटल मार्केटिंग में अपनी स्किल्स को और बेहतर बना रहे हैं।
मुकुल का व्यवसाय मुनाफ़े के साथ-साथ स्थानीय लोगों की मदद भी करता है। वह अपने दोस्त के साथ मिलकर किफ़ायती दामों पर वीडियो एडिटिंग की सेवाएँ देते हैं।
विकास और आर्थिक उपलब्धियाँ
मुकुल को पहले से Instagram Ads चलाने का अनुभव है। अब वे Facebook Ads सीखकर और AI टूल्स की मदद से अपनी एडिटिंग स्किल्स को बेहतर बनाना चाहते हैं।
मुकुल मेर की कहानी यह दिखाती है कि कैसे जुनून को सही दिशा देकर और चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ा जा सकता है। यह यात्रा साबित करती है कि ग्रामीण उद्यमी भी डिजिटल दुनिया में सफलता हासिल कर सकते हैं।
भास्कर कौशल द्वारा लिखित




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