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भूली की कहानी – दोस्ती और सामाजिक बदलाव
पारिवारिक मित्र तान्या कोटनाला और तान्या सिंह हमेशा से स्थानीय संस्कृति के महत्व को जानती रही हैं। स्थानीय कला, संस्कृति और खान-पान को बचाने और बढ़ावा देने के जुनून से ही ‘भुली’ की शुरुआत हुई। गढ़वाली में ‘भुली’ का मतलब “छोटी लड़की” होता है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड की कला और शिल्प को एक अलग पहचान देना है। ‘भुली’ एक ऐसा उद्यम है जो पोषण, संस्कृति और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का काम करता है। राज्य के बाहर भी लोग अब यहाँ की संस्कृति, खान-पान और कला को जानने लगे हैं। इसके दो संस्थ
27 मार्च


पुरकल स्त्री शक्ति समिति - सफलता की लहर
पुरकल स्त्री शक्ति समिति (PSSS) महिलाओं का एक समूह है, जो खुद को सशक्त बनाने के लिए काम करता है। यह समूह उत्तराखंड के देहरादून के पास स्थित छोटे से गाँव पुरकल में है। यहाँ के लोगों को रोज़गार, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, और अधिकतर लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं। PSSSS का उद्देश्य गाँव की महिलाओं को उद्यमिता और विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह महिलाओं को अपनी आय कमाने और दूसरों पर निर्भर न रहने के लिए प्रेरित कर
27 मार्च


रामगढ़ में श्री संजय बिष्ट की वाई-फाई क्रांति: पहाड़ों को डिजिटल सशक्तिकरण
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान छात्रों को हो रही परेशानियों को देखकर नैनीताल ज़िले के रामगढ़ निवासी संजय बिष्ट ने पहल करने का निर्णय लिया।रामगढ़, जिसे कुमाऊं का ‘फलों का कटोरा’ कहा जाता है, उनके लिए सिर्फ़ एक सुंदर स्थान नहीं बल्कि उनका अपना घर है। वे यहीं पले-बढ़े और अपनी कम्युनिटी से गहराई से जुड़े रहे हैं। रामगढ़ के एक साधारण परिवार से आने वाले संजय का बचपन पहाड़ों के बीच बीता, जिनसे उनका गहरा जुड़ाव है। वे परिवार और दोस्तों के साथ बिताए समय को बहुत महत्व देते हैं और अपने गांव व पह
19 फ़र॰
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