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सबसे नज़दीकी मोटर-योग्य सड़क से 10 किलोमीटर दूर बसे एक गाँव में अपना उद्यम खड़ा करने के लिए किन चुनौतियों, प्रयासों और अवसरों से गुज़रना पड़ता है?
प्रदीप के लिए, उद्यम की शुरुआत अपने आसपास उपलब्ध संसाधनों और ज्ञान को पहचानने से हुई। उन्होंने अपने समुदाय की पारंपरिक कला, स्थानीय कारीगरों के अनुभव और पीढ़ियों से चली आ रही कुशलताओं को अपनी ताकत बनाया। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि बाज़ार से भौगोलिक दूरी, अवसरों की कमी का संकेत नहीं है। सही सोच और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से दूरस्थ गाँवों में भी उद्यम के नए रास्ते बनाए जा सकते हैं। प्रदीप उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में भारत-नेपाल सीमा के पास बसे दूरस्थ गाँव मेटली
13 अक्टू॰
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